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Tuesday, 10 March 2026

दिल दम भर रहा है,

​दिल दम भर रहा है,

फिर इश्क़ कर रहा है।

​वो नज़दीक आ रही है,

फ़ासला कम हो रहा है।

​अतीत था जो,

अब रक़ीब हो रहा है।

​खेल वही है ज़िंदगी का,

फिर खेला जा रहा है।

​वो नज़दीक आ रही है,

फ़ासला कम हो रहा है।

Rohit🖋️

Tuesday, 26 August 2025

सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।

सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।
आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं।
Rohit 🖋️ 

Wednesday, 25 June 2025

जमीर बेच के धंधा कर रहें

जो थे बड़े अमीर, उनकी ग़ैरत देख ली सादिक।
जमीर बेच के धंधा कर रहें।

बेटियों को उतार दिया सड़कों पे।
उनके घरों से गुरूर की रोटियां सेक रहे।

रोहित "सादिक"

Wednesday, 21 May 2025

इश्क तिजारत हैं, और सब बाजार में है।

सभी किरदार में हैं।
इश्क तिजारत हैं, और सब बाजार में है।

जिन्दगी जहर देती है पियो खुश रहो 
जाने कौन किस आज़ार में है।


रोहित 🖋️

सभी किरदार में हैं

सभी किरदार में हैं 
तो तमाशा क्यों हुआ
जो हम भी मुस्करा दिये 
तो खुलासा क्यों हुआ

रोहित 🖋️

यकीनन तमाशा हुआ।

यकीनन तमाशा हुआ।
वो बस एक किरदार में है।।

वो झूठी नहीं है।
ये खबर अखबार में है।।

रोहित 🖋️

कितना फ़रेब कितना धोखा है।

कितना फ़रेब कितना धोखा है।
मैं सच बोलती हूं तुम्हारी कसम,
कितनों से उसने यही बोला है।।

रोहित 🖋️

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