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Tuesday, 30 May 2023

मैं अपने माथे का कलंक धो...

मैं अपने माथे का कलंक धो भी नहीं सकता।
लड़के रोते नहीं, कहावत है।
इसलिए रो भी नहीं सकता।।

रोहित🖋️

Tuesday, 23 May 2023

कुछ किया नहीं बस दो बात बोल आया...

कुछ किया नहीं बस दो बात बोल आया।
साबुन लगा के धोया, फिर कस के निचोड़ आया।।

एक और एक ग्यारह की कोसिस में थे।
वो...
मैं सख्त हूं बहुत, बोतल खुली ही छोड़ आया।।

रोहित 🖋️

Monday, 22 May 2023

बस इतनी सि दोस्ती..

बस इतनी सि दोस्ती।
कोई गुनाह हुआ क्या?
न कोई बात, न सवाल, न जवाब।
यू चुप हो, कोई नाराज हुआ क्या?

रोहित 🖋️

Friday, 12 May 2023

बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में।

बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में।
मधु घोरत तेरे बैनन में।।
नहीं चैन परै, नहीं रैन कटै।
दिन निकसत औनन-पौनन में।।

Rohit🖋️

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