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Sunday, 25 November 2018

मुझे दासता सुनाने दो...

मुझे दासता सुनाने दो।
कुछ नए रास्ते बनाने दो।
मेरी फ़ितरतो को मत देखो।
नए आसमां बनाने दो।

मैं अब वो नही हूँ, जो था कभी।
मैं हुआ हूँ ऐसा, अब, अभी अभी।
मेरी ज़िंदगी में आओ, फिर देखो।
साथ चलो, बस कारवाँ बनाने दो।।

रोहित "सादिक़"

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