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Monday, 25 December 2023

दानिश बड़े बे अक्ल हो गए

दानिश बड़े बे अक्ल हो गए।
सामने आपके बे शक्ल हो गए।

तोपची निशाने साधते रहे।
हम कातिल निगाहों से कत्ल हो गए।।

रोहित

Saturday, 23 December 2023

कितना सुकून कितना करार दे रहा है

कितना सुकून कितना करार दे रहा है।
एकतरफा इश्क, आराम दे रहा है।।

न जाने कब नींद से बाहर आऊं।
अभी खुश हूं।
ये ख्वाब दिलकश एहसास दे रहा है।|

Rohit 🖋️

Thursday, 14 December 2023

बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में

बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में 
मधु घोरत तेरे बैनन में 
नहीं चैन परै, नहीं रैन कटै
दिन निकसत औनन-पौनन में

Rohit

Sunday, 10 December 2023

मुलाकात तो बहाना है

मुलाकात तो बहाना है।
सच तो ये है कि मन को बहलाना है।।

मुहब्बत तो मुस्किल है "सादिक"। 
रस्म है जिसे हस के निभाना है।।

रोहित 🖋️

बेवजह ही नहीं मन टोकता है

बेवजह ही नहीं मन टोकता है।
कुछ है जो मुझे रोकता है।

मैं चाहता हूं कि दम भर तेरे साथ रहूं।
साथ आऊं और उम्र भर फिर साथ रहूं।

मेरा मन हर बार ये सोचता है।
पर कुछ है जो मुझे रोकता है।।

रोहित 🖋️

Saturday, 9 December 2023

खुश ही तो हूं

खुश ही तो हूं।
हसता रहता हूं।

खुश रहो।
कहता रहता हूं।

जन्नत का अरमान ही काफ़ी है।
खुशी का ये सामान ही काफ़ी है।

तेरी तलाश जारी है फिर भी।
अधजली सी लाश काफी है फिर भी।

ये किरदार इतना ही।
ये पायदान इतना ही।

कफ़न ओढ़े हूं, जला दो।
मैं चला, मेरा सामान इतना ही।

रोहित 🖋️

अभी हमें आम होना बाकी है।

अभी हमें आम होना बाकी है।
हुआ भी क्या।
अभी तमाम होना बाकी है।
ख़ास सा कुछ ख़ास नही।
अभी तो इंसान होना बाकी है।।

रोहित 🖋️

आप कैसे हो?

आप कैसे हो?
ये सवाल काफ़ी है।

हम ज़िंदा तो हैं।
ये खयाल काफ़ी है।

आपके जलवो का करम है ये।
हां सच है कि भरम है ये ।।

हमारे बीच ये किरदार काफ़ी है।
यूं मिले तुम, कि मिले यूं ही।।
ये सवाल काफ़ी है।

हम ज़िंदा तो हैं।
ये खयाल काफ़ी है।।

रोहित🖋️

Friday, 8 December 2023

वो शाम शराब से नहाई थी।

वो शाम शराब से नहाई थी।
इतनी नशीली उनकी अंगड़ाई थी।

उनके जलवों के कई किस्से हैं 
वो आए तो चली पुरवाई थी।

अब दूर से क्या खबर लिखूं।
पास जाऊं तो फिर सबब लिखूं।।

कलम की क्या मजाल, सादिक!
की उनके ख्वाब ओ खयाल लिखूं।

रोहित 🖋️

Wednesday, 6 December 2023

ये बात अब सताती है मुझको

ये बात अब सताती है मुझको।
तेरी याद बहुत आती है मुझको ।।

मैं चाहता हूं कि अपनी भी एक कहानी हो।
अपनी ही बात हो, और अपनी ही जुबानी हो।

चहकती शुबह, महकती शाम, और रंगीन नजारे हो।
हम साथ साथ चलें और कदमों में सितारे हो।।

रोहित 

Monday, 4 December 2023

मेरे दिखने, चलने, मुस्कुराने, में असर आपका है।

मेरे दिखने, चलने, मुस्कुराने, में असर आपका है।
मुझे भी खाश कर दिया, ये हुनर आपका है।।

रोहित 

कुछ बात है जो, सादगी में भी सितारे लगे।

कुछ बात है जो, सादगी में भी सितारे लगे।
कोई कुछ भी करे, कहे कुछ भी।
आप हमे, हमारे लगे।।

सुनहरा रंग, रोम रोम संगमरमर सा।
आप जब से मिले, हम खुद से बेगाने लगे।।

रोहित

तू जब नहीं होती, मेरी सास नहीं चलती

तू जब नहीं होती, मेरी सास नहीं चलती।
धड़कन भी तुमसे बहुत प्यार करती है।।

आ जाओ की अब साथ चलें।
जिंदगी तेरा इंतजार करती है।।

रोहित 

Wednesday, 15 November 2023

खुशी कभी कभी, गम बहुत भारी है...

खुशी कभी कभी, गम बहुत भारी है।
मर भी नहीं सकते, जीने की जिम्मेदारी है।।

ये बेगाना शहर, और सख्त बेकारी है।
जहर चढ़ रहा है और सफ़र जारी है!

जरा जरा सा ज़र कर रहा है मुझे।
भीतर तक, तर कर रहा है मुझे।

कतरा कतरा बिका फिर भी,
"सादिक", इश्क में वफादारी है।।

रोहित 🖋️

Tuesday, 31 October 2023

हर मिजाज हर ढंग आला है...

हर मिजाज हर ढंग आला है।
मेरा यार न गोरा है न काला है।।

रोहित

Saturday, 14 October 2023

इंतजार किसका करे कोई यू ही नहीं मिलता...

इंतजार किसका करे कोई यू ही नहीं मिलता
अरे प्यार किसको करें कोई यू ही नहीं मिलता
मैं बस इतना जानता हूं कि बड़े खास हो वरना।
सूखे पनघट में कोई यूं ही नहीं मिलता।

रोहित🖋️

Sunday, 1 October 2023

कस्ती चल रही है इशारों में..

कस्ती चल रही है इशारों में।
कुछ बात तो है किनारों में।।

कोई यू ही नहीं करता कद्र "सादिक"।
इशारों में कुछ बात कही होगी किनारों ने।।

रोहित 🖋️

Thursday, 21 September 2023

ये लंबी चौड़ी गात, और क्या करोगे..

ये लंबी चौड़ी गात, और क्या करोगे।
जो कुछ हो इसमें बात, और क्या करोगे।
हरकते है ही छिछोरी, और क्या करोगे।
बस बात करो यार, और क्या करोगे।

रोहित

गिर गए थे, अभी गिर ही गए थे ना..

गिर गए थे, अभी गिर ही गए थे ना।
अब तो संभल जाओ।
कुछ नहीं बिगड़ा अभी भी।
अब तो बदल जाओ।

रोहित 🖋️

इश्क का अंजाम वही है..

इश्क का अंजाम वही है
इसमें कोई खास ओ आम नहीं

मौका मिले, तो जी लो मुट्ठी भर।
वरना शिकायत का कोई काम नहीं है।

रोहित

मैं जूझ रहा हूं जिंदगी से..

मैं जूझ रहा हूं जिंदगी से।
मगर डरने की कोई बात नहीं।
बात कुछ भी नहीं।
बस वो बात नहीं।

रोहित

Sunday, 6 August 2023

दोस्तों से बात करूं तो एहतियात क्या करूं

दोस्तो से बात करूं तो एहतियात क्या करूं।
गर ना करू तो, फिर करू भी तो क्या करूं।।

रोहित

Tuesday, 25 July 2023

कुछ तो झूठ है...

कुछ तो झूठ है
कोई तो धोखा है
मैं तो खुश हूं
दिल ने रोया है

रोहित 🖋️

Saturday, 15 July 2023

जो छप रहा है अखबारो में, ख़बर भी वही है क्या

जो छप रहा है अखबारो में, ख़बर भी वही है क्या।
बात हुई थी सच बोलने की सच भी यही है क्या।।

रोहित 🖋️

Monday, 10 July 2023

अभी कुछ करम बाकी था.

अभी कुछ करम बाकी था।
एक वहम बाकी था।।

आखरी सांस चल रही है बस।
अभी ये सितम बाकी था।

रोहित 🖋️

Tuesday, 30 May 2023

मैं अपने माथे का कलंक धो...

मैं अपने माथे का कलंक धो भी नहीं सकता।
लड़के रोते नहीं, कहावत है।
इसलिए रो भी नहीं सकता।।

रोहित🖋️

Tuesday, 23 May 2023

कुछ किया नहीं बस दो बात बोल आया...

कुछ किया नहीं बस दो बात बोल आया।
साबुन लगा के धोया, फिर कस के निचोड़ आया।।

एक और एक ग्यारह की कोसिस में थे।
वो...
मैं सख्त हूं बहुत, बोतल खुली ही छोड़ आया।।

रोहित 🖋️

Monday, 22 May 2023

बस इतनी सि दोस्ती..

बस इतनी सि दोस्ती।
कोई गुनाह हुआ क्या?
न कोई बात, न सवाल, न जवाब।
यू चुप हो, कोई नाराज हुआ क्या?

रोहित 🖋️

Friday, 12 May 2023

बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में।

बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में।
मधु घोरत तेरे बैनन में।।
नहीं चैन परै, नहीं रैन कटै।
दिन निकसत औनन-पौनन में।।

Rohit🖋️

Monday, 10 April 2023

शौक तो हमने किए

शौक तो हमने किए
तुमने तो बस जिंदगी जी है

रोहित गुप्ता 🖋️

Monday, 13 February 2023

सच में सितमगर हो...

अब ऐसे मजा लोगे।
सच में सितमगर हो।
रह-रह के सजा दोगे।

रोहित 🖋️

Tuesday, 7 February 2023

सिलवटों ने दस्तक दे दी

सिलवटों ने दस्तक दे दी
आंखों में
आ जाओ बचे ख़्वाब
आंखों में
अब आइना नहीं,
चाहता हूं कि खुद को देखूं तुम्हारी 
आंखों में

रोहित 

गुलाब तो बहाना है...

गुलाब तो बहाना है।
सच तो ये है कि मन बहलाना है।।

मुहब्बत ही मुस्किल है। प्रिये!
रस्में.., हस के निभाना है।।


Rohit Gupta🖋️

Monday, 30 January 2023

तेरे खयाल का खयाल आया...

तेरे खयाल का खयाल आया।
मेरे सामने ये सवाल आया।।

फरिस्ते लगे हैं सोहबत में।
खुदा का ये जवाब आया।।

Rohit 🖋️

आंगन में फूल खिले हो और पास में हरियाली हो...

क्या बात हो अगर शर्द शाम और गर्म चाय की प्याली हो।
आंगन में फूल खिले हो और पास में हरियाली हो।

Rohit 🖋️

खुदा ख़ुद भी घायल है...

अब तो खुदाई की भी ख़ैर नहीं।
हुजूर ए आला भी कायल है।।

इन मासूम निगाहों का कहर ऐसा।।
खुदा ख़ुद भी घायल है।।

Rohit Gupta 🖋️🙏

Sunday, 29 January 2023

आंगन में फूल खिले हो और पास में हरियाली हो...

क्या बात हो अगर शर्द शाम और गर्म चाय की प्याली हो।
आंगन में फूल खिले हो और पास में हरियाली हो।

Rohit 🖋️

Friday, 27 January 2023

इन मासूम निगाहों का कहर ऐसा...

अब तो खुदाई की भी ख़ैर नहीं।
हुजूर ए आला भी कायल है।।

इन मासूम निगाहों का कहर ऐसा।
खुदा ख़ुद भी घायल है।।

Rohit Sadik 🖋️🙏

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