Rohit "Sadik"
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Monday, 25 December 2023
दानिश बड़े बे अक्ल हो गए
दानिश बड़े बे अक्ल हो गए।
सामने आपके बे शक्ल हो गए।
तोपची निशाने साधते रहे।
हम कातिल निगाहों से कत्ल हो गए।।
रोहित
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दानिश बड़े बे अक्ल हो गए
कितना सुकून कितना करार दे रहा है
बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में
मुलाकात तो बहाना है
बेवजह ही नहीं मन टोकता है
खुश ही तो हूं
अभी हमें आम होना बाकी है।
आप कैसे हो?
वो शाम शराब से नहाई थी।
ये बात अब सताती है मुझको
मेरे दिखने, चलने, मुस्कुराने, में असर आपका है।
कुछ बात है जो, सादगी में भी सितारे लगे।
तू जब नहीं होती, मेरी सास नहीं चलती
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