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Tuesday, 26 August 2025

सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।

सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।
आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं।
Rohit 🖋️ 

Wednesday, 25 June 2025

जमीर बेच के धंधा कर रहें

जो थे बड़े अमीर, उनकी ग़ैरत देख ली सादिक।
जमीर बेच के धंधा कर रहें।

बेटियों को उतार दिया सड़कों पे।
उनके घरों से गुरूर की रोटियां सेक रहे।

रोहित "सादिक"

Wednesday, 21 May 2025

इश्क तिजारत हैं, और सब बाजार में है।

सभी किरदार में हैं।
इश्क तिजारत हैं, और सब बाजार में है।

जिन्दगी जहर देती है पियो खुश रहो 
जाने कौन किस आज़ार में है।


रोहित 🖋️

सभी किरदार में हैं

सभी किरदार में हैं 
तो तमाशा क्यों हुआ
जो हम भी मुस्करा दिये 
तो खुलासा क्यों हुआ

रोहित 🖋️

यकीनन तमाशा हुआ।

यकीनन तमाशा हुआ।
वो बस एक किरदार में है।।

वो झूठी नहीं है।
ये खबर अखबार में है।।

रोहित 🖋️

कितना फ़रेब कितना धोखा है।

कितना फ़रेब कितना धोखा है।
मैं सच बोलती हूं तुम्हारी कसम,
कितनों से उसने यही बोला है।।

रोहित 🖋️

मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात

मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात।
बात बस बात की नहीं उसके इरादे की थी।

रोहित 🖋️

कुछ दूर तो साथ चले होते।

कुछ दूर तो साथ चले होते।
मेरे साथ खुश हुए होते।

गुरबत का रास्ता मुश्किल होता है।
मेरे बाद रास्ता बदल लिए होते।।

रोहित 🖋️

उसकी आँखें खूबसूरत हैं, उनमें हया नहीं है

उसकी आँखें खूबसूरत हैं, उनमें हया नहीं है।
नए जमाने की है, ऊंचे खयाल रखतीं हैं।
बिछा के खुद को कहती हैं कुछ गया नहीं है।

रोहित 🖋️

कौन है वो जो हमें मजबूर करता है

कौन है वो जो हमें मजबूर करता है।
हमें ही हमीं से दूर करता है।

ये परियां जाल बिछाती हैं लेकिन।
है वो दिल अपना जो फसना मंजूर करता है।


रोहित

मुझसे दूर जाने के बहाने बहुत हैं

मुझसे दूर जाने के बहाने बहुत हैं।
पास आने के लिए प्यार काफ़ी है।

रोहित 🖋️

हमें मरना मज़ूर है


हमें मरना मज़ूर है 
अब हमसे जी हजूरी की उम्मीद मत करिए।

 रोहित 🖋️

तुम देख लो लहज़ा मेरा

तुम देख लो लहज़ा मेरा पहले।
फिर हमारे जैसा भी देख लेना जमाने में।

With love 💕 रोहित 🖋️

हमारी जिद नहीं है कि हम चाहे तुम्हें

हमारी जिद नहीं है कि हम चाहे तुम्हें।
सांसे रुकने लगती है भुलाने में तुम्हें।

With love 💕 रोहित 🖋️

देखो तो सही

देखो तो सही।
हम हमदर्द मिलेंगे, सितमगर नहीं।

With love 💕 रोहित 🖋️

कभी उम्मीद नहीं छोड़ा हमने

कभी उम्मीद नहीं छोड़ा हमने।
जो हमारा हुआ तो हमारा।
नहीं फिर कहीं का नहीं छोड़ा हमने।

With love 💕 रोहित 🖋️

आप देखो तो सही हमारी नज़र से

आप देखो तो सही हमारी नज़र से।
दिल के करीब हमीं होंगे।

With love 💕 रोहित 🖋️

दिल जब से बेकरार किया

दिल जब से बेकरार किया।
हमनें भी बस तुम्हीं से प्यार किया।

With love 💕 रोहित 🖋️

ढूंढते रह जाओगे यार हमारे जैसा

ढूंढते रह जाओगे यार हमारे जैसा।
प्यार कौन करेगा मेरे यार हमारे जैसा।

With love 💕 रोहित 🖋️

आपकी नज़र हमपे नहीं तो और किधर है

आपकी नज़र हमपे नहीं तो और किधर है।
आप देखती तो हैं हम जाते जिधर हैं।

With love 💕 रोहित 🖋️

तुमने देखी कहा है आदवत अपनी

तुमने देखी कहा है आदवत अपनी।
हम शरीफ़ भी थे और मुहब्बत भी थी।

With love 💕 रोहित 🖋️

जो अपनी दिल्लगी को मुहब्बत बताते

जो अपनी दिल्लगी को मुहब्बत बताते थे।
वो अब उस्ताद हैं हमें मुहब्बत सिखाते हैं।

With love 💕 रोहित 🖋️

हमें हूर सा नूर नहीं

हमें हूर सा नूर नहीं।
दामन ए इश्क कबूल होगा।

जो करे हमारी शोहबत।
हमें वो शख्स कबूल होगा।

With love 💕 रोहित 🖋️

हम उन्हें हमारे जैसे चाहिए ही नहीं

हम उन्हें हमारे जैसे चाहिए ही नहीं।
हम भी उन्हें उनके जैसे ही चाहिए ।

रोहित 🖋️

हमनें देखा है खुद को कई आईनो में

हमनें देखा है खुद को कई आईनो में।
किसी ने हमें अच्छा नहीं बताया।

हम फिर भी जन्नती हैं साकी।

हम फिर भी जन्नती हैं साकी।
फरेब कहा किया है हमने।

हममें बुराई हैं तो हैं।
परहेज़ कहा किया है हमने।

तुम कहो झुक जाए क्या सच में।
गुरेज कहा किया है हमने।

तुम्हें क़ुबूल हो तो कह दो।
बंधेज कहा किया है हमने।

रोहित 🖋️

Thursday, 1 May 2025

वो शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।

वो शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।  
कसम खाती है, फिर और झूठ बोलती है।  

मेरा कोई नहीं है तुम्हारे सिवा, कसम से।  
बोलती है कि, सच बोलती हूँ,
फिर ख़ूब झूठ बोलती है।

बड़ी शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।  

रोहित 🖋️

इश्क तिजारत है

सभी किरदार में हैं,
इश्क तिजारत है तो,
सभी बाजार में हैं।

सभी किरदार में हैं

सभी किरदार में हैं,  
ये तिजारत है,  
सभी बाजार में हैं।  

जिंदगी ज़हर देती है,
पियो खुश रहो,  
न जानों कौन, किस,
आज़ार में है।

Wednesday, 23 April 2025

मुझसे नफ़रत लाज़िम

मुझसे नफ़रत लाज़िम थी
मैं किरदार में नहीं हकीक़त में था 

रोहित 🖋️

Thursday, 10 April 2025

मरने दे, और हमनें किया क्या है

मरने दे, बग़ैर उसके जिया क्या है।
साँसें लीं बस, और हमनें किया क्या है।

— रोहित 🖋️

अभी तो आग दी है चाहने वालों ने..

अभी तो आग दी है चाहने वालों ने।
अभी वक्त लगेगा राख होने में।

मेरे साथ कितने दर्द में थे।
खुश हुए यूं मुझे खोने में।

रोहित 🖋️

Friday, 4 April 2025

तन्हाइयों से बाद हूँ, मैं।

तन्हाइयों से बाद हूँ, मैं।
एक अजनबी के साथ हूँ, मैं।।

तेरी दुनिया तुझे मुबारक।
मेरा दिल और अब दिल-ए-साद हूँ, मैं।।

रोहित 🖋️ 

Monday, 31 March 2025

जो इतना गुरूर करोगे तो सब बिखर जाएं...

जो इतना गुरूर करोगे तो बिखर जाएंगा।
ग़ुलाम ए उलफ़त और कहां जायेगा।।

अकेला शख्स रात गहरी।
पकड़ लो हाथ नहीं तो डर जायेगा।।

गुजारे के लिए बस धड़कने बाक़ी।
जो मजबूर करोगे तो फिर मर जाएगा।।

रोहित 🖋️

Sunday, 23 March 2025

दो चार मुलाकातों में गज़ब सिलसिले हुए।

दो चार मुलाकातों में गज़ब सिलसिले हुए।
शिकवे कई और कई गिले हुए।।

रोहित 🖋️ 


एक ऐसी मुलाक़ात चाहता हूं।

एक ऐसी मुलाक़ात चाहता हूं।
करनी दो बात चाहता हूं।।

तेरे बगैर ही जी लिया हमने।
तेरे बगैर ही मरना चाहता हूं।।

Rohit 🖋️

Saturday, 22 March 2025

बर्फ़ को पिघलना है आग के पास कर दे जरा।


बर्फ़ को पिघलना है।
आग के पास रख दे जरा।।

धड़कने बाकी हैं अभी जिंदा हूं।
तू दिल पे हाथ रख दे जरा।।

रोहित 🖋️ 

मरीज़ ए इश्क की दवा कौन करेगा

मरीज़ ए इश्क की दवा कौन करेगा।
अब हमसे वफ़ा कौन करेगा।।

ये इश्क सुकून देगा सही।
इस दिल को दूसरी दफ़ा कौन कहेगा।।

रास्तों की शिकायत गवारा है बेशक।
मंज़िल को खफ़ा कौन करेगा।।

रोहित 🖋️

ये सितम हर बार करना चाहता हूं।

ये सितम हर बार करना चाहता हूं।
मैं तेरे रंग में ही रंगना चाहता हूं।

जुलम है जो तक़दीर कर गई मुझपे।
मैं फिर भी जीना साथ मरना चाहता हूं।

रोहित 🖋️

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