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Friday, 4 April 2025

तन्हाइयों से बाद हूँ, मैं।

तन्हाइयों से बाद हूँ, मैं।
एक अजनबी के साथ हूँ, मैं।।

तेरी दुनिया तुझे मुबारक।
मेरा दिल और अब दिल-ए-साद हूँ, मैं।।

रोहित 🖋️ 

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