Rohit "Sadik"
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Thursday, 30 January 2020
हाल-ए-हकीकत की दस्ता अलग है...
हाल-ए-हकीकत की दस्ता अलग है।
क्या कहूँ अब, तेरा मिजाज ही अलग है।।
मेरा सवाल आज भी वही है।
क्या गलती की, और क्या गलत है।।
रोहित सादिक
उन्हें फ़ुर्सत कहाँ राब्ता होने को...
उन्हें फ़ुर्सत कहाँ राब्ता होने को।
हमें कोई और कहाँ वाबस्ता होने को।।
न वो मेरे, न हम खुद के।
फिर क्या कुछ, कहाँ है खोने को।
रोहित "सादिक़"
न जाने कब मेरा जोर आजमाया जायेगा...
न जाने कब मेरा जोर आजमाया जायेगा।
उस कयामत से कब पर्दा उठाया जायेगा।।
जले तो रोज दिये उनकी यादों के।
न जाने कब इनको बुझाया जायेगा।।
ये सोच के ही बसर है अपना।
मौसम का भी असर है अपना।।
मदहोश होने तक, कब हमको पिलाया जायेगा।
फिर आखिर कब हमको संभाला जायेगा।।
तारों के साथ गुजरेगी हमारी कब तक।
कब चाँद मेरे घर उतरा जायेगा।।
न जाने कब मेरा जोर आजमाया जायेगा।
उस कयामत से कब पर्दा उठाया जायेगा ...
रोहित सादिक
Tuesday, 7 January 2020
जरूर और चाहत...
"बस पाले भर का फर्क है जरूरत और चाहत में, जरूरत प्यास बुझा देती है और चाहत प्यास जगा देती है।"
रोहित सादिक
समय बड़ा वक्ता है...
"समय बड़ा वक्ता है, बड़ी से बड़ी बात कम से कम शब्दों में बता देता है, इसलिए जिन्दगी का मतलब समय पर छोड़ दो, वो जितना बताए बस उतना करते जाओ।"
रोहित सादिक
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सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।
सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं। आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं। Rohit 🖋️
कितना फ़रेब कितना धोखा है।
कितना फ़रेब कितना धोखा है। मैं सच बोलती हूं तुम्हारी कसम, कितनों से उसने यही बोला है।। रोहित 🖋️
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात। बात बस बात की नहीं उसके इरादे की थी। रोहित 🖋️
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