संस्कार अनुवांशिक नहीं होते। और इसके लिए माता, पिता के साथ समाज भी जिम्मेदार होता है।
रोहित "सादिक़"
संस्कार अनुवांशिक नहीं होते। और इसके लिए माता, पिता के साथ समाज भी जिम्मेदार होता है।
रोहित "सादिक़"
गुमनाम से रहते हैं, कही दिखते नहीं ।
चुप ही रहते हैं कुछ कहते नहीं ।
हमे चुनौती देते हैं, बंजारे गली के।
कह दो, हम...
आम गलियों से गुजरते नहीं ।
रोहित "सादिक़"