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Thursday, 1 May 2025

सभी किरदार में हैं

सभी किरदार में हैं,  
ये तिजारत है,  
सभी बाजार में हैं।  

जिंदगी ज़हर देती है,
पियो खुश रहो,  
न जानों कौन, किस,
आज़ार में है।

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