Rohit "Sadik"
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Wednesday, 21 May 2025
आपकी नज़र हमपे नहीं तो और किधर है
आपकी नज़र हमपे नहीं तो और किधर है।
आप देखती तो हैं हम जाते जिधर हैं।
With love 💕 रोहित 🖋️
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इश्क तिजारत हैं, और सब बाजार में है।
सभी किरदार में हैं
यकीनन तमाशा हुआ।
कितना फ़रेब कितना धोखा है।
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात
कुछ दूर तो साथ चले होते।
उसकी आँखें खूबसूरत हैं, उनमें हया नहीं है
कौन है वो जो हमें मजबूर करता है
मुझसे दूर जाने के बहाने बहुत हैं
हमें मरना मज़ूर है
तुम देख लो लहज़ा मेरा
हमारी जिद नहीं है कि हम चाहे तुम्हें
देखो तो सही
कभी उम्मीद नहीं छोड़ा हमने
आप देखो तो सही हमारी नज़र से
दिल जब से बेकरार किया
ढूंढते रह जाओगे यार हमारे जैसा
आपकी नज़र हमपे नहीं तो और किधर है
तुमने देखी कहा है आदवत अपनी
जो अपनी दिल्लगी को मुहब्बत बताते
हमें हूर सा नूर नहीं
हम उन्हें हमारे जैसे चाहिए ही नहीं
हमनें देखा है खुद को कई आईनो में
हम फिर भी जन्नती हैं साकी।
वो शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।
इश्क तिजारत है
सभी किरदार में हैं
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