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Saturday, 22 March 2025

ये सितम हर बार करना चाहता हूं।

ये सितम हर बार करना चाहता हूं।
मैं तेरे रंग में ही रंगना चाहता हूं।

जुलम है जो तक़दीर कर गई मुझपे।
मैं फिर भी जीना साथ मरना चाहता हूं।

रोहित 🖋️

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