Rohit "Sadik"
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Thursday, 14 December 2023
बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में
बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में
मधु घोरत तेरे बैनन में
नहीं चैन परै, नहीं रैन कटै
दिन निकसत औनन-पौनन में
Rohit
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दानिश बड़े बे अक्ल हो गए
कितना सुकून कितना करार दे रहा है
बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में
मुलाकात तो बहाना है
बेवजह ही नहीं मन टोकता है
खुश ही तो हूं
अभी हमें आम होना बाकी है।
आप कैसे हो?
वो शाम शराब से नहाई थी।
ये बात अब सताती है मुझको
मेरे दिखने, चलने, मुस्कुराने, में असर आपका है।
कुछ बात है जो, सादगी में भी सितारे लगे।
तू जब नहीं होती, मेरी सास नहीं चलती
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सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं। आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं। Rohit 🖋️
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