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Sunday, 10 December 2023

बेवजह ही नहीं मन टोकता है

बेवजह ही नहीं मन टोकता है।
कुछ है जो मुझे रोकता है।

मैं चाहता हूं कि दम भर तेरे साथ रहूं।
साथ आऊं और उम्र भर फिर साथ रहूं।

मेरा मन हर बार ये सोचता है।
पर कुछ है जो मुझे रोकता है।।

रोहित 🖋️

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