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Friday, 8 December 2023

वो शाम शराब से नहाई थी।

वो शाम शराब से नहाई थी।
इतनी नशीली उनकी अंगड़ाई थी।

उनके जलवों के कई किस्से हैं 
वो आए तो चली पुरवाई थी।

अब दूर से क्या खबर लिखूं।
पास जाऊं तो फिर सबब लिखूं।।

कलम की क्या मजाल, सादिक!
की उनके ख्वाब ओ खयाल लिखूं।

रोहित 🖋️

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