Rohit "Sadik"
My recommendation
Tuesday, 23 May 2023
कुछ किया नहीं बस दो बात बोल आया...
कुछ किया नहीं बस दो बात बोल आया।
साबुन लगा के धोया, फिर कस के निचोड़ आया।।
एक और एक ग्यारह की कोसिस में थे।
वो...
मैं सख्त हूं बहुत, बोतल खुली ही छोड़ आया।।
रोहित 🖋️
Monday, 22 May 2023
बस इतनी सि दोस्ती..
बस इतनी सि दोस्ती।
कोई गुनाह हुआ क्या?
न कोई बात, न सवाल, न जवाब।
यू चुप हो, कोई नाराज हुआ क्या?
रोहित 🖋️
Friday, 12 May 2023
बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में।
बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में।
मधु घोरत तेरे बैनन में।।
नहीं चैन परै, नहीं रैन कटै।
दिन निकसत औनन-पौनन में।।
Rohit🖋️
Monday, 10 April 2023
शौक तो हमने किए
शौक तो हमने किए
तुमने तो बस जिंदगी जी है
रोहित गुप्ता 🖋️
Monday, 13 February 2023
सच में सितमगर हो...
अब ऐसे मजा लोगे।
सच में सितमगर हो।
रह-रह के सजा दोगे।
रोहित 🖋️
Tuesday, 7 February 2023
सिलवटों ने दस्तक दे दी
सिलवटों ने दस्तक दे दी
आंखों में
आ जाओ बचे ख़्वाब
आंखों में
अब आइना नहीं,
चाहता हूं कि खुद को देखूं तुम्हारी
आंखों में
रोहित
गुलाब तो बहाना है...
गुलाब तो बहाना है।
सच तो ये है कि मन बहलाना है।।
मुहब्बत ही मुस्किल है। प्रिये!
रस्में.., हस के निभाना है।।
Rohit Gupta🖋️
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)
Contact Me
Name
Email
*
Message
*
Blog Archive
▼
2026
(1)
▼
March
(1)
दिल दम भर रहा है,
►
2025
(39)
►
August
(1)
►
June
(1)
►
May
(27)
►
April
(4)
►
March
(6)
►
2024
(9)
►
December
(1)
►
September
(3)
►
July
(4)
►
January
(1)
►
2023
(38)
►
December
(13)
►
November
(1)
►
October
(3)
►
September
(4)
►
August
(1)
►
July
(3)
►
May
(4)
►
April
(1)
►
February
(3)
►
January
(5)
►
2022
(3)
►
November
(1)
►
September
(2)
►
2021
(4)
►
June
(1)
►
March
(2)
►
January
(1)
►
2020
(23)
►
December
(1)
►
November
(1)
►
October
(1)
►
August
(1)
►
July
(1)
►
June
(1)
►
May
(2)
►
April
(4)
►
March
(1)
►
February
(5)
►
January
(5)
►
2019
(15)
►
November
(2)
►
August
(1)
►
July
(4)
►
June
(2)
►
May
(1)
►
April
(1)
►
March
(2)
►
February
(2)
►
2018
(15)
►
November
(1)
►
July
(1)
►
June
(4)
►
May
(1)
►
April
(4)
►
February
(3)
►
January
(1)
►
2017
(19)
►
December
(3)
►
November
(3)
►
October
(13)
Home
सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।
सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं। आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं। Rohit 🖋️
कितना फ़रेब कितना धोखा है।
कितना फ़रेब कितना धोखा है। मैं सच बोलती हूं तुम्हारी कसम, कितनों से उसने यही बोला है।। रोहित 🖋️
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात। बात बस बात की नहीं उसके इरादे की थी। रोहित 🖋️
Report Abuse