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Saturday, 14 September 2024

इस कदर नजरें फिराए हो...

इस कदर नजरें फिराए हो...
सच बताओ...
बेवफाई की, या फिर पी के आए हो...

रोहित 🖋️

अभी, बहुत काम करना है।

अभी तरकश में तीर है मेरे।
अभी शिकार करना है।
ऐ जिंदगी साथ दे मेरा।
अभी, बहुत काम करना है।


रोहित 🖋️

क्या अब रहा कुछ भी नहीं।

सारी बातें हो गईं, क्या, अब बचा कुछ भी नहीं।
ये सफर इतना ही था, क्या, अब रहा कुछ भी नहीं।

रोहित 🖋️

Monday, 22 July 2024

मय(शराब) ने कहा के, अब पियूं मैं भी

मय(शराब) ने कहा के, अब पियूं मैं भी।
बोतलों से निकल, खुल के जियूं मैं भी।
मरहम है कोई, तो अपना काम करे।
क्यूं किसी की चोट सिलूं मैं भी।

रोहित 🖋️

शिखा सिखा के इश्क की बातें मुझे

पहले बहुत कम बोलता था मैं।
बहुत जरूरत हो तभी मुंह खोलता था मैं।

शिखा सिखा के इश्क की बातें मुझे।
बोलती है कि महफिल में बहुत बोलता था मैं।

रोहित 🖋️

वो रूठे तो फिर रूठ गया आइना

वो रूठे तो फिर रूठ गया आइना।
न जाने कब टूट गया आइना।

आंखे बंद की तब वो चेहरा नज़र आया।
जो खुली आंखें तो फिर डूब गया आइना।

रोहित 🖋️

मैं खुद को गुनहगार मानता हूं।

मैं खुद को गुनहगार मानता हूं।
मै उनको अपना यार मानता हूं।

वो जान के दुश्मन हैं मेरे।
मै फिर भी अपनी जान मानता हूं।

रोहित 🖋️

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