Rohit "Sadik"
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Tuesday, 5 May 2020
कितने अकेले हैं...
कितने अकेले हैं।
जब भी देखते हैं।
पूछते रहते हैं।
खुद से।
बिन बात की बात।
बस बात ही बात।
जब भी करते हैं।
खुद से।
दूर दूर घूमते हैं।
औरो में खुशी ढूड़ते है।
सोचते हैं कि बदल दे।
रस्ता नया चुन ले।
मिले तो कभी।
खुद से।
"रोहित सादिक"
बे-नवा सा बसर मेरा...
बे-नवा सा बसर मेरा।
कार-ए-सबाब कर दे।।
रोज-ए-हिसाब का इन्तज़ार न कर।
सर-ए-इताब आ, मुकम्मल बाब कर दे।।
"रोहित सादिक"
Thursday, 30 April 2020
थोड़ा बदचलन होना चाहिए !
जिंदगी गुजारने के लिये चाल चलन होना जरुरी है !
लज्जत बनी रहे।
इसलिए थोड़ा बदचलन होना जरुरी है।।
रोहित सादिक
Thursday, 23 April 2020
तेरी खुली जुल्फों को सवारू
तेरी खुली जुल्फों को सवारू।
तू कह के तो देख।
फूल क़दमों में बिछा दू।
तू कह के तो देख।
मै ख़ुद तेरा साथ चाहता हूं, कसम से।
फना तुझपे हो जाऊ।
तू कह के तो देख।
रोहित सादिक
Tuesday, 14 April 2020
जिंदगी...
क्या करें यहां झमेले बहुत हैं।
डरते हैं क्यूकी अकेले बहुत हैं।।
मेरे हमसफ़र! हमदम! मेरे हमराह!
मुझे सहारा दिए रहना।।
ये जिदंगी का दरिया है।
यहां थपेड़े बहुत हैं।।
क्या करें यहां झमेल बहुत हैं।
रोहित "सादिक"
Tuesday, 7 April 2020
Lockdown
समझ में कुछ क्यूं नही आता।
मैं मजबूर हूं तो तू ही क्यूं नही आता।।
मेरे रब, मेरे मौला, मेरे परवरदिगार।
हम तेरे ही तो बंदे हैं।।
जानें दे पास मुझे, मेरे चहीतो के।
नहीं तो देर क्यूं, क्यूं अपने ही पास नहीं बुलाता।।
समझ में कुछ क्यूं नही आता...
रोहित सादिक
Tuesday, 17 March 2020
आज का सच
शेर सब चूहे और
कुत्ते शिकारी
नेता सब दानी
और जनता भिखारी
रोहित सादिक
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सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।
सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं। आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं। Rohit 🖋️
कितना फ़रेब कितना धोखा है।
कितना फ़रेब कितना धोखा है। मैं सच बोलती हूं तुम्हारी कसम, कितनों से उसने यही बोला है।। रोहित 🖋️
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात। बात बस बात की नहीं उसके इरादे की थी। रोहित 🖋️
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