Rohit "Sadik"
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Saturday, 9 December 2023
अभी हमें आम होना बाकी है।
अभी हमें आम होना बाकी है।
हुआ भी क्या।
अभी तमाम होना बाकी है।
ख़ास सा कुछ ख़ास नही।
अभी तो इंसान होना बाकी है।।
रोहित 🖋️
आप कैसे हो?
आप कैसे हो?
ये सवाल काफ़ी है।
हम ज़िंदा तो हैं।
ये खयाल काफ़ी है।
आपके जलवो का करम है ये।
हां सच है कि भरम है ये ।।
हमारे बीच ये किरदार काफ़ी है।
यूं मिले तुम, कि मिले यूं ही।।
ये सवाल काफ़ी है।
हम ज़िंदा तो हैं।
ये खयाल काफ़ी है।।
रोहित🖋️
Friday, 8 December 2023
वो शाम शराब से नहाई थी।
वो शाम शराब से नहाई थी।
इतनी नशीली उनकी अंगड़ाई थी।
उनके जलवों के कई किस्से हैं
वो आए तो चली पुरवाई थी।
अब दूर से क्या खबर लिखूं।
पास जाऊं तो फिर सबब लिखूं।।
कलम की क्या मजाल, सादिक!
की उनके ख्वाब ओ खयाल लिखूं।
रोहित 🖋️
Wednesday, 6 December 2023
ये बात अब सताती है मुझको
ये बात अब सताती है मुझको।
तेरी याद बहुत आती है मुझको ।।
मैं चाहता हूं कि अपनी भी एक कहानी हो।
अपनी ही बात हो, और अपनी ही जुबानी हो।
चहकती शुबह, महकती शाम, और रंगीन नजारे हो।
हम साथ साथ चलें और कदमों में सितारे हो।।
रोहित
Monday, 4 December 2023
मेरे दिखने, चलने, मुस्कुराने, में असर आपका है।
मेरे दिखने, चलने, मुस्कुराने, में असर आपका है।
मुझे भी खाश कर दिया, ये हुनर आपका है।।
रोहित
कुछ बात है जो, सादगी में भी सितारे लगे।
कुछ बात है जो, सादगी में भी सितारे लगे।
कोई कुछ भी करे, कहे कुछ भी।
आप हमे, हमारे लगे।।
सुनहरा रंग, रोम रोम संगमरमर सा।
आप जब से मिले, हम खुद से बेगाने लगे।।
रोहित
तू जब नहीं होती, मेरी सास नहीं चलती
तू जब नहीं होती, मेरी सास नहीं चलती।
धड़कन भी तुमसे बहुत प्यार करती है।।
आ जाओ की अब साथ चलें।
जिंदगी तेरा इंतजार करती है।।
रोहित
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सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।
सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं। आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं। Rohit 🖋️
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कितना फ़रेब कितना धोखा है। मैं सच बोलती हूं तुम्हारी कसम, कितनों से उसने यही बोला है।। रोहित 🖋️
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मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात। बात बस बात की नहीं उसके इरादे की थी। रोहित 🖋️
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