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Saturday, 22 March 2025

बर्फ़ को पिघलना है आग के पास कर दे जरा।


बर्फ़ को पिघलना है।
आग के पास रख दे जरा।।

धड़कने बाकी हैं अभी जिंदा हूं।
तू दिल पे हाथ रख दे जरा।।

रोहित 🖋️ 

मरीज़ ए इश्क की दवा कौन करेगा

मरीज़ ए इश्क की दवा कौन करेगा।
अब हमसे वफ़ा कौन करेगा।।

ये इश्क सुकून देगा सही।
इस दिल को दूसरी दफ़ा कौन कहेगा।।

रास्तों की शिकायत गवारा है बेशक।
मंज़िल को खफ़ा कौन करेगा।।

रोहित 🖋️

ये सितम हर बार करना चाहता हूं।

ये सितम हर बार करना चाहता हूं।
मैं तेरे रंग में ही रंगना चाहता हूं।

जुलम है जो तक़दीर कर गई मुझपे।
मैं फिर भी जीना साथ मरना चाहता हूं।

रोहित 🖋️

Sunday, 15 December 2024

प्यार की गुंजाइश है मेरे अंदर

प्यार की गुंजाइश है मेरे अंदर।
ज्ञान (दुनियादारी) से भर गया हूं।।

मेरी अर्थी अभी रोको।
गलतफहमी है कि मैं मर गया हूं।।

रोहित 🖋️ 

Saturday, 14 September 2024

इस कदर नजरें फिराए हो...

इस कदर नजरें फिराए हो...
सच बताओ...
बेवफाई की, या फिर पी के आए हो...

रोहित 🖋️

अभी, बहुत काम करना है।

अभी तरकश में तीर है मेरे।
अभी शिकार करना है।
ऐ जिंदगी साथ दे मेरा।
अभी, बहुत काम करना है।


रोहित 🖋️

क्या अब रहा कुछ भी नहीं।

सारी बातें हो गईं, क्या, अब बचा कुछ भी नहीं।
ये सफर इतना ही था, क्या, अब रहा कुछ भी नहीं।

रोहित 🖋️

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