जो इतना गुरूर करोगे तो बिखर जाएंगा।
ग़ुलाम ए उलफ़त और कहां जायेगा।।
अकेला शख्स रात गहरी।
पकड़ लो हाथ नहीं तो डर जायेगा।।
गुजारे के लिए बस धड़कने बाक़ी।
जो मजबूर करोगे तो फिर मर जाएगा।।
रोहित 🖋️
एक ऐसी मुलाक़ात चाहता हूं।
करनी दो बात चाहता हूं।।
तेरे बगैर ही जी लिया हमने।
तेरे बगैर ही मरना चाहता हूं।।
Rohit 🖋️