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Wednesday, 23 April 2025

मुझसे नफ़रत लाज़िम

मुझसे नफ़रत लाज़िम थी
मैं किरदार में नहीं हकीक़त में था 

रोहित 🖋️

Thursday, 10 April 2025

मरने दे, और हमनें किया क्या है

मरने दे, बग़ैर उसके जिया क्या है।
साँसें लीं बस, और हमनें किया क्या है।

— रोहित 🖋️

अभी तो आग दी है चाहने वालों ने..

अभी तो आग दी है चाहने वालों ने।
अभी वक्त लगेगा राख होने में।

मेरे साथ कितने दर्द में थे।
खुश हुए यूं मुझे खोने में।

रोहित 🖋️

Friday, 4 April 2025

तन्हाइयों से बाद हूँ, मैं।

तन्हाइयों से बाद हूँ, मैं।
एक अजनबी के साथ हूँ, मैं।।

तेरी दुनिया तुझे मुबारक।
मेरा दिल और अब दिल-ए-साद हूँ, मैं।।

रोहित 🖋️ 

Monday, 31 March 2025

जो इतना गुरूर करोगे तो सब बिखर जाएं...

जो इतना गुरूर करोगे तो बिखर जाएंगा।
ग़ुलाम ए उलफ़त और कहां जायेगा।।

अकेला शख्स रात गहरी।
पकड़ लो हाथ नहीं तो डर जायेगा।।

गुजारे के लिए बस धड़कने बाक़ी।
जो मजबूर करोगे तो फिर मर जाएगा।।

रोहित 🖋️

Sunday, 23 March 2025

दो चार मुलाकातों में गज़ब सिलसिले हुए।

दो चार मुलाकातों में गज़ब सिलसिले हुए।
शिकवे कई और कई गिले हुए।।

रोहित 🖋️ 


एक ऐसी मुलाक़ात चाहता हूं।

एक ऐसी मुलाक़ात चाहता हूं।
करनी दो बात चाहता हूं।।

तेरे बगैर ही जी लिया हमने।
तेरे बगैर ही मरना चाहता हूं।।

Rohit 🖋️

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