दरकार दोनो की है याद रखना । साथ मांगा है सबका याद रखना।। तुम हुए न मेरे, हो कर भी मेरे। रहेंगे न खुश याद रखना।।
दोस्ती दिल से हो तभी बेहतर। न हो यार सच्चा सिर्फ कहकर।। ये दिखावे का धंधा नही है फ़क़त। चोट सबको लगती है याद रखना।।
रोहित "सादिक़"
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