उनके हुजरे में गये कि रुसवाई मिटा लें। दो घूट लें और सारी तनहाई मिटा लें। वो एड़ियां रगड़ रहीं हैं कि बस, कोई हीरा उन्हें मिल जाये। ये नहीं कि, ये, कोहिनूर गले लगा लें।
रोहित "सादिक़"
Maan gye sadik sahab aapko
Thanks
Nice thought.....
Maan gye sadik sahab aapko
ReplyDeleteThanks
DeleteNice thought.....
ReplyDelete