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Saturday, 16 February 2019

एहसास बना रहने दो...

इश्क़ हो न हो पर एहसास बना रहने दो।
कुछ हो न हो पर ख़ास बना रहनें दो।
सूरत ए हाल ही कुछ ऐसा है।
कि मुमताज हो न हो पर ताज बना रहनें दो....
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एहसास बना रहने दो।

रोहित "सादिक़"

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