मेरे!
कद से शिकायत मत रख।
ये देख के इरादा क्या है।।
दरिया, समंदर से ही मिलेगा।
ये देख के वादा क्या है।।
खासियत फूलों में है, माना।
बड़ा हुनर है, जाना।।
माली की कदर है फिर भी।
पिरोए तो हार, बिखर जाए तो बेकार।
होने में फरक है फिर भी
फूलों पे असर है फिर भी।
माली की कदर है फिर भी।
Rohit Sadik
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