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Tuesday, 13 September 2022

जिंदगी! अभी और इम्तिहान लेगी।।

न आने की दस्तक। न

 जाने का पयाम देगी।।


जिंदगी!

अभी और इम्तिहान लेगी।।


अभी भी जान बाकी है।

अभी होना तमाम बाकी है।।


जिद से जिद है इसकी

बस।

नही कुछ और बाकी है

 

खैर, खुशी, ख्वाहिश मुकम्मल हराम है सादिक!


जिंदगी!

न जाने क्या क्या समान लेगी।

अभी और इम्तिहान लेगी।।

अभी और इम्तिहान लेगी।।


Rohit Sadik

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