Rohit "Sadik"
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Thursday, 1 May 2025
वो शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।
वो शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।
कसम खाती है, फिर और झूठ बोलती है।
मेरा कोई नहीं है तुम्हारे सिवा, कसम से।
बोलती है कि, सच बोलती हूँ,
फिर ख़ूब झूठ बोलती है।
बड़ी शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।
रोहित 🖋️
इश्क तिजारत है
सभी किरदार में हैं,
इश्क तिजारत है तो,
सभी बाजार में हैं।
सभी किरदार में हैं
सभी किरदार में हैं,
ये तिजारत है,
सभी बाजार में हैं।
जिंदगी ज़हर देती है,
पियो खुश रहो,
न जानों कौन, किस,
आज़ार में है।
Wednesday, 23 April 2025
मुझसे नफ़रत लाज़िम
मुझसे नफ़रत लाज़िम थी
मैं किरदार में नहीं हकीक़त में था
रोहित 🖋️
Thursday, 10 April 2025
मरने दे, और हमनें किया क्या है
मरने दे, बग़ैर उसके जिया क्या है।
साँसें लीं बस, और हमनें किया क्या है।
— रोहित 🖋️
अभी तो आग दी है चाहने वालों ने..
अभी तो आग दी है चाहने वालों ने।
अभी वक्त लगेगा राख होने में।
मेरे साथ कितने दर्द में थे।
खुश हुए यूं मुझे खोने में।
रोहित 🖋️
Friday, 4 April 2025
तन्हाइयों से बाद हूँ, मैं।
तन्हाइयों से बाद हूँ, मैं।
एक अजनबी के साथ हूँ, मैं।।
तेरी दुनिया तुझे मुबारक।
मेरा दिल और अब दिल-ए-साद हूँ, मैं।।
रोहित 🖋️
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सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।
सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं। आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं। Rohit 🖋️
कितना फ़रेब कितना धोखा है।
कितना फ़रेब कितना धोखा है। मैं सच बोलती हूं तुम्हारी कसम, कितनों से उसने यही बोला है।। रोहित 🖋️
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात। बात बस बात की नहीं उसके इरादे की थी। रोहित 🖋️
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