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Wednesday, 21 May 2025

हमें हूर सा नूर नहीं

हमें हूर सा नूर नहीं।
दामन ए इश्क कबूल होगा।

जो करे हमारी शोहबत।
हमें वो शख्स कबूल होगा।

With love 💕 रोहित 🖋️

हम उन्हें हमारे जैसे चाहिए ही नहीं

हम उन्हें हमारे जैसे चाहिए ही नहीं।
हम भी उन्हें उनके जैसे ही चाहिए ।

रोहित 🖋️

हमनें देखा है खुद को कई आईनो में

हमनें देखा है खुद को कई आईनो में।
किसी ने हमें अच्छा नहीं बताया।

हम फिर भी जन्नती हैं साकी।

हम फिर भी जन्नती हैं साकी।
फरेब कहा किया है हमने।

हममें बुराई हैं तो हैं।
परहेज़ कहा किया है हमने।

तुम कहो झुक जाए क्या सच में।
गुरेज कहा किया है हमने।

तुम्हें क़ुबूल हो तो कह दो।
बंधेज कहा किया है हमने।

रोहित 🖋️

Thursday, 1 May 2025

वो शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।

वो शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।  
कसम खाती है, फिर और झूठ बोलती है।  

मेरा कोई नहीं है तुम्हारे सिवा, कसम से।  
बोलती है कि, सच बोलती हूँ,
फिर ख़ूब झूठ बोलती है।

बड़ी शातिर है, सफेद झूठ बोलती है।  

रोहित 🖋️

इश्क तिजारत है

सभी किरदार में हैं,
इश्क तिजारत है तो,
सभी बाजार में हैं।

सभी किरदार में हैं

सभी किरदार में हैं,  
ये तिजारत है,  
सभी बाजार में हैं।  

जिंदगी ज़हर देती है,
पियो खुश रहो,  
न जानों कौन, किस,
आज़ार में है।

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