हवा बदल रही है।
तुम्हे तेवर भी बदले नजर आएंगे।।
हम साथ हैं उसके अभी भी।
और साथ ही नजर आएंगे।।
तुम चाहो तो बदल लो रास्ते अपने।
छोड़ दो ताल्लुक और बदल लो वास्ते अपने।।
हम सूरज की तरह चमकेंगे फिर भी।
और
तुम्हे रात में क्या दिन में तारे नजर आएंगे।।
रोहित सादिक
तुम्हे तेवर भी बदले नजर आएंगे।।
हम साथ हैं उसके अभी भी।
और साथ ही नजर आएंगे।।
तुम चाहो तो बदल लो रास्ते अपने।
छोड़ दो ताल्लुक और बदल लो वास्ते अपने।।
हम सूरज की तरह चमकेंगे फिर भी।
और
तुम्हे रात में क्या दिन में तारे नजर आएंगे।।
रोहित सादिक
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