कितने बेग़ैरत, कितने बेकार हुए।
देख ! हम तेरे भी गुनहगार हुए।।
तब न आये, जब काम आना था।
अब क्या जो हम कामगार हुए।।
देख ! हम तेरे भी गुनहगार हुए।।
रोहित सादिक
देख ! हम तेरे भी गुनहगार हुए।।
तब न आये, जब काम आना था।
अब क्या जो हम कामगार हुए।।
देख ! हम तेरे भी गुनहगार हुए।।
रोहित सादिक
Nice Sadik Ji.
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