Rohit "Sadik"
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Thursday, 4 January 2024
हमने भी देखी है अदाएं...
हमने भी देखी है अदाएं।
मियां पहले, बहुत पहले।।
हैं गुजारे साथ लम्हे।
मियां पहले, बहुत पहले।।
उन्ही के किस्से अब सुनाते हैं।
गली के मनचले।।
जो हमी ने हैं लिखे।
मियां पहले, बहुत पहले।।
रोहित 🖋️
Monday, 25 December 2023
दानिश बड़े बे अक्ल हो गए
दानिश बड़े बे अक्ल हो गए।
सामने आपके बे शक्ल हो गए।
तोपची निशाने साधते रहे।
हम कातिल निगाहों से कत्ल हो गए।।
रोहित
Saturday, 23 December 2023
कितना सुकून कितना करार दे रहा है
कितना सुकून कितना करार दे रहा है।
एकतरफा इश्क, आराम दे रहा है।।
न जाने कब नींद से बाहर आऊं।
अभी खुश हूं।
ये ख्वाब दिलकश एहसास दे रहा है।|
Rohit 🖋️
Thursday, 14 December 2023
बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में
बलिहारी प्रिए तेरे नैनन में
मधु घोरत तेरे बैनन में
नहीं चैन परै, नहीं रैन कटै
दिन निकसत औनन-पौनन में
Rohit
Sunday, 10 December 2023
मुलाकात तो बहाना है
मुलाकात तो बहाना है।
सच तो ये है कि मन को बहलाना है।।
मुहब्बत तो मुस्किल है "सादिक"।
रस्म है जिसे हस के निभाना है।।
रोहित 🖋️
बेवजह ही नहीं मन टोकता है
बेवजह ही नहीं मन टोकता है।
कुछ है जो मुझे रोकता है।
मैं चाहता हूं कि दम भर तेरे साथ रहूं।
साथ आऊं और उम्र भर फिर साथ रहूं।
मेरा मन हर बार ये सोचता है।
पर कुछ है जो मुझे रोकता है।।
रोहित 🖋️
Saturday, 9 December 2023
खुश ही तो हूं
खुश ही तो हूं।
हसता रहता हूं।
खुश रहो।
कहता रहता हूं।
जन्नत का अरमान ही काफ़ी है।
खुशी का ये सामान ही काफ़ी है।
तेरी तलाश जारी है फिर भी।
अधजली सी लाश काफी है फिर भी।
ये किरदार इतना ही।
ये पायदान इतना ही।
कफ़न ओढ़े हूं, जला दो।
मैं चला, मेरा सामान इतना ही।
रोहित 🖋️
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सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं।
सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं। आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं। Rohit 🖋️
कितना फ़रेब कितना धोखा है।
कितना फ़रेब कितना धोखा है। मैं सच बोलती हूं तुम्हारी कसम, कितनों से उसने यही बोला है।। रोहित 🖋️
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात
मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात। बात बस बात की नहीं उसके इरादे की थी। रोहित 🖋️
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