रह रह के तुझे मेरी याद आती रहे।
तेरी हर हिचकी मेरा नाम बुलाती रहे।
तू खुशनसीब हो इतना की जमाना देखे।
हो सब कुछ तेरे पास बस मेरी कमी सताती रहे।
जिसे तू छू ले वो तेरे कदमो में सिमट जाये।
काश तुझे किसी शायर से प्यार हो जाये।
तू इतराये तेरी तारीफ के कसीदों में।
जो टटोले दिल को तो आँखें भर जायेl
तेरी कस्ती समन्दर के पार हो जाये।
तू चमके ऐसे की सूरज की हार हो जाये।
तेरी महफ़िलो को ख़ुदा रोशन रखे हरदम।
बस दुआ कर "सादिक" मर जाये।।
बस दुआ कर की ये "सादिक़" मर जाये।।
रोहित "सादिक़"
No comments:
Post a Comment