"जब गुरूर, ब्यक्तित्व से ज्यादा हो जाता है तो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों हानि होती है! वैसे ही जैसे पूँछ, कद से ज्यादा लंबी हो तो नुकसान ही करती है!"
रोहित "सादिक़"
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सलीके से क़त्ल करती हैं, बड़ी शातिर हैं। आँखें कहते हो इन्हें, ये दोनों कि दोनों क़ातिल हैं। Rohit 🖋️
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कितना फ़रेब कितना धोखा है। मैं सच बोलती हूं तुम्हारी कसम, कितनों से उसने यही बोला है।। रोहित 🖋️
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मैं समझ तो गया था उसके दिल की बात। बात बस बात की नहीं उसके इरादे की थी। रोहित 🖋️
Super....
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